PM Special Scheme: मोदी सरकार जल्द शुरू कर सकती है यह खास योजना, बुजुर्गों को घर बैठे मिलेगी मेडिकल की सुविधा

Old Health Pti

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) बुजुर्गों को घर के दरवाजे पर सस्ती चिकित्सा देखभाल मुहैया कराने को लेकर एक नई खास योजना ‘पीएम स्पेशल’ (PM Special) स्कीम शुरू करने के लिए तैयार है. केंद्र योजना के तहत अगले तीन सालों में 1 लाख वृद्धावस्था देखभाल करने वालों को प्रशिक्षित करने की भी योजना बना रहा है. जराचिकित्सा देखभाल (Geriatric Care) मेडिकल सेक्टर का वह क्षेत्र है जो सिर्फ वृद्ध लोगों की स्वास्थ्य देखभाल पर केंद्रित है.

जबकि केंद्रीय सामाजिक न्याय और विकास मंत्रालय की ओर से एक हफ्ते के भीतर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की संभावना है. हिंदुस्तान टाइम्स ने मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से कहा कि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आम जनता के लिए यह सुविधा उपलब्ध होगी. इसे सितंबर महीने में लॉन्च किया जाएगा.

प्रशिक्षण की गुणवत्ता के लिए तय होंगे मानकः सचिव

सामाजिक न्याय और विकास मंत्रालय के सचिव आर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि देश में जरुरत के लिहाज से जराचिकित्सा पेशेवर लोगों की जरुरत को पूरा नहीं किया जा सका है. अभी ना तो हमारे पास पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित व्यक्ति और ना ही पेशेवर रूप से प्रशिक्षित व्यक्ति नहीं हैं. जिन लोगों को ध्यान देने की जरुरत है, वे ही सुरक्षित हाथों में नहीं हैं. सचिव सुब्रह्मण्यम ने कहा कि यही नहीं मेडिकल सेवा भी बहुत महंगी हो गई है. यहां, हम प्रशिक्षण की गुणवत्ता के मामले में कुछ मानक निर्धारित करेंगे और शुल्क भी वहनीय (affordable fee) रखा जाएगा.

सुब्रह्मण्यम ने आगे कहा कि अभी अगर कोई अपने घर पर जराचिकित्सा देखभाल करने वाला चाहता है, तो उसे कई चरणों से गुजरना होगा. कई बार वे ठीक से प्रशिक्षित भी नहीं होते हैं और वे बहुत अधिक शुल्क भी चार्ज करते हैं. लेकिन हम एक बहुत ही व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम ला रहे हैं जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया है. यह प्रशिक्षण पेशेवर लोगों द्वारा दिया जाएगा.

प्रशिक्षण के लिए कौन-कौन होगा उम्मीदवार

उन्होंने पेशेवर लोगों की योग्यता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जिसने 12वीं कक्षा तक शिक्षा पूरी कर ली है, वह योजना के तहत प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकेगा. उन्होंने आगे कहा, “एससी, एसटी और अन्य हाशिए के समुदायों के कम से कम 10 हजार लोगों को मुफ्त में प्रशिक्षित किया जाएगा.”

उनका कहना है कि ऐसे प्रशिक्षित लोगों का डेटाबेस एक वेबसाइट पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा और जो कोई भी जराचिकित्सा देखभालकर्ता चाहता है, वह वहां लॉगिन करने और उनकी उपलब्धता की जांच करने में सक्षम होगा. यह जराचिकित्सा देखभाल के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक बाजार की तरह होगा.

मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से भारत में वृद्धावस्था देखभाल सेवा की लागत में खासी कमी आने की संभावना है. लेकिन सबसे खास बात यह होगी कि इससे बुजुर्गों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल की जा सकेगी. यही नहीं इस योजना के जरिए करीब 1 लाख लोगों को रोजगार के अवसर भी मुहैया कराएगी. मंत्रालय बुजुर्गों के लिए कई योजनाएं चलाता है, जिसमें गरिमा के साथ पुन: रोजगार की योजना भी शामिल है.

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