Gujarat Assembly Election : गुजरात की Bhuj विधानसभा सीट पर BJP की है मजबूत पकड़, 32 साल में एक बार ही मिली कांग्रेस को जीत

Bhuj Gujraat

गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर भाजपा इस बार 2017 के परिणाम से सीख लेते हुए कुछ ज्यादा ही सक्रिय नजर आ रही है. BJP इस बार चुनाव लड़ने की अलग रणनीति पर काम कर रही है. गुजरात की हर विधानसभा सीट बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण हो चुकी है. भुज विधानसभा सीट भाजपा के लिए ऐसी सीट है जिस पर पिछले 7 चुनाव में छह बार पार्टी ने जीत दर्ज की है. जबकि केवल एक बार कांग्रेस जीत दर्ज कर सकी है. पिछले तीन चुनावों में बीजेपी ने भुज विधानसभा सीट पर लगातार जीतकर दर्ज करके हैट्रिक बनाई है. इस तरह समझ सकते हैं कि भुज विधानसभा सीट पर बीजेपी की पकड़ सबसे मजबूत है. 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भुज विधानसभा सीट पर जीत के प्रति बीजेपी पहले से ज्यादा आश्वस्त नजर आ रही है.

भुज विधानसभा का राजनीतिक समीकरण

गुजरात की भुज विधानसभा सीट पर भाजपा जीत की हैट्रिक लगा चुकी है. 2007, 2012 और 2017 में इस विधानसभा सीट पर लगातार बीजेपी ने जीत दर्ज की है. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी आचार्य डॉ निमाबेन भावेश भाई को 86532 मत मिले थे, जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी आदमभाई बड़ाभाई को 72510 मत मिले हैं. इस तरह बीजेपी ने यह सीट 14022 मतों से जीत ली. 2012 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी की महिला उम्मीदवार आचार्य निमाबेन आचार्य ने जीत दर्ज की थी. जबकि 2007 में भाजपा उम्मीदवार वासनभाई गोपाल भाई अहीर ने जीत दर्ज की थी. 2002 का विधानसभा चुनाव ऐसा था जब भुज की सीट पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. भुज का पूरा इलाका भूकंप की विनाशकारी से आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था. इस आपदा के कारण लोगों की नाराजगी का सामना भाजपा को करना पड़ा. इसी का परिणाम हुआ कि 2002 के विधानसभा चुनाव में चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी शिवजी भाई करसन भाई आहिर ने भाजपा प्रत्याशी मुकेश बाबूलाल को 2580 मतों से हराकर जीत दर्ज की.

भुज विधानसभा का जातिगत समीकरण

गुजरात के भुज विधानसभा सीट पर 255000 से ज्यादा मतदाता है. यह विधानसभा सीट पर भाजपा की मजबूत पकड़ मानी जाती है. पिछले 3 विधानसभा चुनाव से इस सीट पर भाजपा के प्रत्याशी की जीत हुई है. इस विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो सबसे ज्यादा इस सीट पर हिंदू मतदाताओं की आबादी है. इस विधानसभा सीट पर मुस्लिम, दलित और ओबीसी वोट बैंक सबसे ज्यादा है. हालांकि इस वोट बैंक पर कभी कांग्रेस की मजबूत पकड़ हुआ करती थी लेकिन वर्तमान में यह सीट बीजेपी का गढ़ बन चुकी है. भुज को कच्छ की राजधानी भी कहा जाता है.

ऐतिहासिक इमारतों के लिए मशहूर है भुज

गुजरात में कच्छ की राजधानी का नाम लिया जाता है. भुज का पूरा इलाका समुद्री तट के किनारे बसा हुआ है. यहां पर महाराजा का आइना महल, प्राग महल, शरद बाग पैलेस ,हमीरसर तालाब प्रमुख ऐतिहासिक इमारतें हैं. वही भुज से ही मांडवी इलाके में कई दर्शनीय स्थल भी हैं. यहां पर हर साल भर गांव के कलाकार यहां की संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन देसी और विदेशी पर्यटक के सामने करते हैं।

2001 के भूकंप ने बदली थी भुज की सूरत

26 जनवरी 2001 को गुजरात के भुज इलाके में भयंकर विनाशकारी भूकंप आया था. इस दिन देश अपना 52 वां गणतंत्र दिवस मना रहा था. इसी बीच सुबह 8:45 पर भुज की धरती हिलने लगी थी. इस विनाशकारी भूकंप में 20000 से ज्यादा लोगों की जानें चली गई. वहीं इससे बड़े पैमाने पर संपत्तियों का नुकसान भी हुआ था. इस दौरान गुजरात में केशुभाई पटेल की सरकार थी लेकिन सरकार इस आपदा के दौरान लोगों की मदद ढंग से नहीं कर पाई थी, इस कारण उन्हें सत्ता से हटना पड़ा और नरेंद्र मोदी के हाथ में गुजरात की सत्ता आई.

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