Covid Infection: शरीर में ज्यादा एंटीबॉडी बनना दिल और दिमाग के लिए खतरनाक, हो सकती हैं कई बीमारियां

Antibody Response

कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित होने के बाद शरीर में एंटीबॉडी (Antibody) बनती है. जो भविष्य में होने वाले संक्रमण से बचाव करती है. जितनी ज्यादा एंटीबॉडी होंगी वायरस से वायरस का खतरा उतना ही कम रहता है. कोविड वैक्सीन की मदद से भी शरीर में वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी बनती है, जिससे कोविड से बचाव होता है. हर व्यक्ति के शरीर में एंटीबॉडी का स्तर अलग- अलग होता है. किसी के शरीर में कम तो किसी में ज्यादा एंटीबॉडी बनते हैं. लेकिन जरूरत से एंटीबॉडी बनने के काफी नुकसान हैं. इससे आप बीमार हो सकते हैं और कई ऑर्गन खराब हो सकते हैं.

हाल ही में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) ने कोविड के बाद बनने वाले इम्यून रिस्पांस को लेकर एक रिसर्च की है, जिसमें पता चला है कि इम्यून रिस्पांस से न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (Neurological Disorder) हो सकते हैं. इससे दिमाग को भी काफी नुकसान पहुंचता है.वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस के खिलाफ बनने वाला इम्यून रिस्पांस शरीर में जो प्रोटीन बनाता है वह दिमाग की ब्लड वैसल्स पर हमला करने वाले सेल्स के साथ मिल जाते हैं, जिससे दिमाग की नसों में सूजन होती है . इससे दिमाग में ब्लड क्लॉट, ब्रेन स्ट्रोक जैसी परेशानियां हो सकती हैं.

कोविड से जिन लोगों की डेथ हुई थी उनमें से कुछ लोगों की डेड बॉडी के परीक्षण के दौरान दिमाग में सूजन देखने को मिली थी, लेकिन इसके कारणों के बारे में जानकारी नहीं थी. इस रिसर्च के बाद कोविड के बाद होने वाले इम्यून रिस्पांस और उसके दिमाग पर होने वाले असर की जानकारी मिल गई है.इस रिसर्च को हेल्थ जर्नल ब्रेन में प्रकाशित किया गया है.

ज्यादा एंटीबॉडी बनने से हो सकता है नुकसान

इस बारे में दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल के मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर ने Tv9 से बातचीत में बताया कि कोविड से संक्रमित होने के बाद शरीर में जो एंटीबॉडी बनती है उसको ही इम्यून रिस्पांस कहते हैं. अगर शरीर में गर एंटीबॉडी ज्यादा हो जाती हैं तो हमारे सेल्स के खिलाफ ही काम करना शुरू कर देती हैं. ऐसे में ये एंटीबॉडी वायरस से न लड़कर शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती हैं. इसको ऑटो इम्यून डिसऑर्डर कहा जाता है. इस स्थिति में इम्यून सिस्टम का रिस्पांस वायरस के खिलाफ न होकर ब्रेन, हार्ट और लंग्स को नुकसान पहुंचता है. कोविड से रिकवर हुए मरीजों में संक्रमण के बाद न्यूरोलॉजिकल समस्याएं देखनी को मिली हैं. इसके अलावा ये किडनी, हार्ट और लंग्स को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

डॉ. के मुताबिक, एंटीबॉडी का लेवल जरूरत से ज्यादा होने पर कई प्रकार की ऑटो इम्यून बीमारियां (Autoimmune diseases) हो जाती है. अगर दिमाग पर इसका असर पड़ता है तो इससे इंसेफलाइटिस बुखार, ब्रेन स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो जाती हैं. अगर हार्ट पर इसका इफेक्ट होता है तो कोरोनरी हार्ट डिजीज हो सकती हैं.

चिंता की बात नहीं

डॉ.किशोर ने बताया किइस प्रकार का ऑटो इम्यून रिस्पांस बहुत ही कम लोगों में देखने को मिलता है. इसमें चिंता की कोई बात नहीं है. हालांकि डेल्टा वेरिएंट के दौरान आई दूसरी लहर में भी इस प्रकार के कुछ मामले देखे गए थे. इसकी वजह से कुछ लोगों को कोविड के बाद कई गंभीर समस्याएं भी हो गई थी.

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