Coal India का कोल इंपोर्ट ठेका गौतम अडाणी को मिला, अडाणी एंटरप्राइजेज ने लगाई सबसे कम बोली

Adani Enterprises Coal Import

भारत की सबसे बड़ी कोल माइनिंग कंपनी कोल इंडिया (Coal India) का कोल इंपोर्ट ठेका दिग्गज उद्योगपति गौतम अडाणी को मिला है. कोल क्राइसिस के बीच कोल इंडिया ने पावर जेनरेशन कंपनियों के बदले कोल इंपोर्ट करने का फैसला किया था. इसके लिए उसने बोली मंगवाई. अडाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) ने 4033 करोड़ रुपए की सबसे कम बोली लगातर इसे अपने नाम कर लिया. इस बोली के तहत अडाणी एंटरप्राइजेज (Gautam Adani) 2.416 मिलियन टन कोयले की सप्लाई करेगी. मोहित मिनरल्स 4182 करोड़ की बोली लगातर दूसरे स्थान पर और चेत्तिनाड लॉजिस्टिक्स 4222 करोड़ की बोली लगाकर तीसरे पायदान पर रही.

इस आयातित कोयले को सात स्टेट पावर जेनरेशन कंपनियों और 19 प्राइवेट पावर प्लांट्स को ट्रांसफर किया जाएगा. अडाणी एंटरप्राइजेज को NTPC से मल्टीपल कोल इंपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट मिला है. यह कॉन्ट्रैक्ट जनवरी और जून के बीच जारी किया गया है. ऑस्ट्रेलिया के क्वीन्सलैंड में अडाणी के पास करमाइकल कोल माइन्स का ठेका है. दिसंबर 2021 में अडाणी ग्रुप ने पहली बार इस खान से कोल का शिपमेंट किया था. माना जा रहा है कि मंगलवार को कोल इंडिया की तरफ से जारी दो ई-टेंडर के लिए भी अडाणी एंटरप्राइजेज अपना बोली जमा करेगी. यह बोली 6 मिलियन टन कोल को लेकर होगी.

मानसून के बाद पावर डिमांड में अचानक उछाल

इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट में पावर क्राइसिस से बचने के लिए सरकार चाहती है कि मानसून में कोल माइन्स में पानी भर जाने से पहले कोयले का पर्याप्त स्टॉक कर लिया जाए. भारत में मानसून के बाद पावर डिमांड अपने चरम पर होती है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि बरसात के मौसम के बाद कृषि संबंधी गतिविधियां तेज हो जाती हैं. ऐसे में पावर शॉर्टेज नहीं हो, इसके लिए जरूरी है कि पावर प्लांट्स के पास कोयले का पर्याप्त स्टॉक हो.

कम से कम 10 फीसदी कोल इंपोर्ट का निर्देश

CEA यानी सेंट्रल इलेक्टिसिटी अथॉरिटी की तरफ से जारी लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, वर्तमान में थर्मल पावर प्लांट्स के पास कुल 26.8 मिलियन टन का कोल स्टॉक है. सरकार ने पावर प्लांट्स से कहा है कि वे जरूरत का 10 फीसदी कोल इंपोर्ट करें. 90 फीसदी जरूरत डोमेस्टिक प्रोडक्शन से पूरी की जाएगी.

बिजली के लिए कोयले की मांग बनी रहेगी

कोयले पर देश की निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है. कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पिछले दिनों कहा था कि देश की ऊर्जा मांग (electricity demand) को पूरा करने के लिए अगले 18 वर्षों में थर्मल कोयले की आवश्यकता लगभग 150 करोड़ टन हो जाएगी, जो कि फिलहाल इसके आधे स्तर पर है. अनुमान के मुताबिक 2040 तक बिजली की मांग भी बढ़कर दोगुना हो जाएगी.

Admission.com
www.lyricsmoment.com
admission9.com
lyricsmoment.com

Leave a Reply

Your email address will not be published.