राजस्थान: ERCP को लेकर जादूगर गहलोत का छुपा एजेंडा, चुनावों से पहले कांग्रेस जनता के बीच बनाना चाहती है मुद्दा, बीजेपी को घेरने का मास्टर प्लान

Gehlot And Dotasara Maindola

राजस्थान विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस जनता के बीच किसी अहम मुद्दे को लेकर जाना चाहती है. ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (Eastern Rajasthan Canal Project) का मुद्दा अब सियासी रंग ले चुका है जिसके बाद गहलोत सरकार केंद्र को इस मसले पर घेरना चाहती है. ईआरसीपी के मुद्दे पर राजस्थान सरकार की तरफ से सूबे के मुखिया अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) लगाकार केंद्र सरकार और मंत्री पर हमलावर हैं. वहीं ईआरसीपी (ERCP) का काम रोकने को लेकर लगातार सीएम केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहे हैं. इसी कड़ी में कांग्रेस 13 जिलों की प्यास बुझाने वाली इस योजना को लेकर गणित लगा रही है जिसके बाद बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Rajasthan Congress) की ओर से पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना ईआरसीपी से लाभान्वित होने वाले 13 जिलों के प्रमुख कांग्रेस पदाधिकारियों का एक दिवसीय सम्मेलन जयपुर में किया जा रहा है.

दरअसल, ईआरसीपी का खाका तत्कालीन प्रदेश बीजेपी सरकार के दौरान खींचा गया था और परियोजना को लेकर पीएम तक की हरी झंडी देने के बावजूद दिसंबर 2018 में प्रदेश में गहलोत सरकार आने से इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर ब्रेक लग गया.

बताया जा रहा है कि इस योजना के ब्रेक लगने को अब कांग्रेस जनता के बीच भुनाना चाहती है. कांग्रेस 13 जिलों की जनता के पानी के दर्द को बीजेपी पर हमलावर होते हुए मुद्दा बनाने की ओर लगातार प्रयासरत है. वहीं बीजेपी का आरोप है कि सीएम गहलोत जनता को गुमराह कर रहे हैं.

जादूगर गहलोत घुमाएंगे ERCP की छड़ी !

बता दें कि अशोक गहलोत चुनावों से पहले ईआरसीपी को चुनावी मुद्दा बनाने का पूरा मन बना चुके हैं. वहीं जानकारों का कहना है कि गहलोत इस मुद्दे को पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के सामने भी खड़ा कर सकते हैं. मालूम हो कि पूर्वी राजस्थान में सचिन पायलट का काफी अच्छा होल्ड है ऐसे में पूर्वी राजस्थान से गहलोत आलाकमान को संदेश देना चाहते हैं.

2020 में पायलट के बागी तेवरों से गहलोत सरकार खतरे में आई थी जिसके बाद लगातार कई बार गहलोत और पायलट एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं. माना जा रहा है कि ईआरसीपी बनाम पायलट के जरिए गहलोत एक बार फिर राजस्थान में कोई जादू करना चाहते हैं और 2023 के चुनाव में इस मुद्दे को चुनावी हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते हैं.

गहलोत डोटासरा और माकन हुए एकजुट

गौरतलब है कि पूर्वी राजस्थान के लिए ईस्ट राजस्थान कैनाल परियोजना काफी मायने रखती है जिसके बाद बुधवार को सीएम अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन एक साथ मंच पर दिखेंगे.

वहीं पूर्वी राजस्थान के सभी 13 जिलों भरतपुर ,अलवर, कोटा, झालावाड़ ,सवाई माधोपुर,बारां, अजमेर, टोंक, करौली, बूंदी ,दौसा ,जयपुर और धौलपुर से कांग्रेस के सभी मंत्री, विधायक, पूर्व सांसद, जिला प्रमुखों को जयपुर बुलाया गया है. माना जा रहा है कि ईआरसीपी पर होने वाली इस कार्यशाला के जरिए कांग्रेस अपने नेताओं के साथ को जमीन पर इस मुद्दे को लेकर बीजेपी के खिलाफ माहौल तैयार करने संबंधित रणनीति बना सकती है.

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