मायावती के सपनों की कांशीराम कॉलोनी बदहाल, न पीने का पानी, न सड़क न सफाई…’नरक’ हुई लोगों की जिंदगी, इमारतें भी जर्जर

Unnao

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उन्नाव जिले में एक कॉलोनी ऐसी भी है, जिसमें गंदगी ने पैर पसार रखे हैं, तो वहीं दीवारों का प्लास्टर रहकर-रहकर गिर रहा है. नगर पालिका की लापरवाही का आलम यह है कि लोग गंदगी के बीच जीने को मजबूर हैं. पीने के पानी के लिए लोगों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है. दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का प्रोजेक्ट ‘कांशीराम कॉलोनी’ उपेक्षा का शिकार है. कोई भी अफसर यहां झांकने तक नहीं आता है. कॉलोनी के रहने वाले लोग गंदगी से परेशान हैं. पीने के लिए शुद्ध पानी भी नहीं मिल रहा है.

बसपा सरकार में सुविधाओं से लैस थी कॉलोनी

बता दें, बसपा सरकार में विकास की सुविधाओं से लैस रहने वाली कांशीराम कॉलोनी में अब सुविधाओं का अकाल पड़ गया है. हजारों लोग नगर पालिका की अनदेखी से परेशान हैं. कांशीराम कॉलोनी में गंदगी का अंबार जगह-जगह लगा हुआ है. यह हाल तब है, जब कुछ मीटर की दूरी पर उन्नाव सदर तहसील है.

पानी लायक पानी भी नसीब नहीं हो रहा

कांशीराम कॉलोनी की स्थिति यह है कि पीने के पानी को लेकर कॉलोनी के बाशिंदे भटकते रहते हैं. वहीं अगर कॉलोनियों की स्थिति की बात करें तो कॉलोनी की स्थिति दयनीय है. कॉलोनियों की बाहरी दीवार का प्लास्टर गिर रहा है. कॉलोनी के लोग कई बार शिकायत पत्र दे चुके हैं, लेकिन नगर पालिका हो या जिले के अन्य अधिकारी सब आंख मूंदे बैठे हैं.

घरों के बाहर लगा गंदगी का अंबार

वहीं कॉलोनी में समस्यओं का अंबार लगा है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. स्थानीय निवासियों से जब बात की गई तो उनका दर्द छलक कर सामने आ गया. स्थानीय निवासी देवेश शुक्ला बताते हैं की एप्लिकेशन कहीं भी लगाओ कुछ नहीं होता. 2 महीने से ज्यादा हो गए पानी नहीं आ रहा. वहीं पार्वती कहती हैं कि घर के अंदर गंदा पानी आ रहा है. पूरी दीवारें गिरी पड़ी हैं. वहीं जब इस संबंध में नगरपालिका ईओ से बात करने की कोशिश की गई उन्होंने कहा, पहले मौके का निरीक्षण कर लें फिर कुछ कहा जा सकता है.

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