बुंदेलखंड में पिछड़ गई खरीफ फसलों की बुवाई, मॉनसून की बेरुखी से परेशान हैं किसान

Bundelkhand Agriculture

बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले में मॉनसून (Monsoon) की बेरुखी से किसान परेशान हैं. वो बादल की तरफ देखकर बारिश का इंतजार कर रहे हैं. बारिश न होने की वजह से खरीफ फसलों की बुवाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक यहां सामान्य से 81 फीसदी कम बारिश हुई है. जो बहुत कम बारिश को दर्शाता है. एक जून से 7 जुलाई तक यहां पर 127.6 एमएम बारिश (Rain) होनी चाहिए थी लेकिन अब तक सिर्फ 24.5 एमएम बारिश ही हुई है. भूजल की कमी वाले बुंदेलखंड क्षेत्र में बारिश का इतना कम होना किसानों की चिंता का सबब बन गया है. किसान बीज और खाद खरीदकर फसलों की बुवाई का इंतजार कर रहे हैं. ज्यादातर खरीफ फसलों (Kharif Crops) की बुवाई के लिए खेती में नमी की जरूरत होती है. बारिश न होने की वजह से नमी का अभाव है. इस वजह से बुवाई में देरी हो रही है.

बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले में अभी तक मॉनसून की बारिश किसानों पर मेहरबान नहीं हो रही है. जिसके चलते किसान खरीफ फसल की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं. यहां खरीफ की फसलों में मुख्य तौर पर उड़द, तिल, धान, मूंग, अरहर और ज्वार आदि की खेती होती है. शासन ने वर्ष 2022-23 के लिए 102447 हेक्टेयर में खरीफ की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया है. बुवाई का समय भी चल रहा है. लेकिन यहां जून में बारिश हुई नहीं और जुलाई का पहला सप्ताह भी सूखे में निकल गया. खासतौर पर धान की बुवाई के लिए ज्यादा पानी की जरूरत होती है. इसलिए यहां के किसानों (Farmers) को एक अच्छी बारिश का इंतजार है.

दो सप्ताह की देरी हुई तो हाथ से निकल जाएगी खरीफ फसल

हमीरपुर जिले में बारिश न होने की वजह से 80 फीसदी खेत खाली पड़े हुए हैं. जबकि इस समय खेतों में बखराई और बुवाई होने लगती थी. इस साल मॉनसून ने फिर धोखा दे दिया है. जून से अभी तक बारिश न के बराबर ही हुई है. क्योंकि इस सीजन में दलहन और तिलहन फसलों का बड़ा हिस्सा बोया जाता है. बारिश नहीं हुई तो इन दोनों फसलों के क्षेत्र और उत्पादन में गिरावट होगी. किसान नेता संतोष सिंह की माने तो बारिश न होने से खेतों में नमी नहीं बची है, जिसके चलते मूंग, उड़द, तिल, ज्वार और अरहर आदि की फसल नहीं बोई जा सकी है. अब तो सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं. अगर बुवाई में 15 दिन की और देरी हुई तो खरीफ फसल हाथ से निकल जाएगी.

दलहन-तिलहन का उत्पादन घटेगा

बुंदेलखंड इलाके में किसान एक जुलाई से खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर देते हैं. वो इस समय भी खेत तैयार कर रहे हैं. लेकिन बुवाई करने से डर रहे हैं. क्योंकि बिना नमी बुवाई से बीजों का अंकुरण कम हो सकता है. जिससे या तो उत्पादन में भारी कमी आएगी या फिर उन्हें दोबारा बीज खरीदकर बुवाई करनी होगी. इस साल यहां पर बुवाई में देरी से दलहन और तिलहन का उत्पादन (Oilseed Production) कम होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

पैदा हो जाएंगे सूखे के हालात

हमीरपुर के कृषि उप निदेशक हरिशंकर के मुताबिक यहां आमतौर पर 21 जून के आसपास बारिश होती है. लेकिन अभी तक न जून में बारिश हुई है न ही जुलाई के पहले सप्ताह में. अगर चार सप्ताह तक औसत बारिश नहीं होती है तो क्षेत्र में सूखे के हालात पैदा हो जाएंगे. जिसका सीधा असर तिल, ज्वार, मूंग ,उड़द, अरहर और धान जैसी फसलों पर होगा. इन फसलों के उत्पादन में न केवल गिरावट होगी किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो जाएगी.

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