पहली गोली मिस, कुछ देर की अफरा-तफरी फिर दूसरी गोली ने छलनी कर दिया शिंजो आबे का दिल, 6 घंटे की मशक्कत के बाद भी नहीं बची जान

Shinzo Abe (1)

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Japan Former PM Shizo Abe) की आज उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह पश्चिमी जापान के एक चुनावी कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे. शुरुआती जांच के मुताबिक तेत्सुया यामागामी (Tetsuya Yamagami) नाम के पूर्व सैनिक ने उन पर हैंडमेड गन से हमला किया है. डॉक्टरों के मुताबिक शिंजो आबे के शरीर से जरूरत से अधिक खून बह जाने से उनकी मौत हो गई. नारा मेडिकल यूनिवर्सिटी अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख डॉ. हिदेतादा फुकुशिमा के मुताबिक शिंजो आबे की गर्दन पर दो गोलियां लगीं. डॉक्टरों के मुताबिक गोली उनके दिल और धमनी को चीरते हुए निकल गई. इस कारण ही उनके शरीर से काफी खून बह गया.

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर फुकुशिमा ने कहा कि गोली लगने के बाद आबे को दिल का दौरा पड़ा, जिसके कारण उनकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि आबे ने 6 घंटे तक मौत से जंग लड़ी. हालांकि भारतीय समय के अनुसान शाम 5:03 बजे डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. आरोपी यामागामी 2000 में तीन साल के लिए मेरिटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स में सेवाएं दे चुका है.

पुलिस ने कहा कि आरोपी ने जिस बंदूक का इस्तेमाल किया उसे उसने घर पर ही बनाया था. बताया जा रहा है कि पहली गोली मिस हो गई थी जबकि दूसरी गोली ने शिंजो आबे का दिल छलनी कर दिया. पुलिस ने आरोपी के एक कमरे के फ्लैट पर छापेमारी में इसी तरह के हथियार और आरोपी का निजी कंप्यूटर भी जब्त किया. पुलिस ने कहा कि आरोपी ने पूछताछ में शांतिपूर्वक सवालों का जवाब दिया और जांच अधिकारियों से उसने कहा कि उसने आबे को मारने की साजिश रची थी क्योंकि उसे लगता था कि पूर्व प्रधानमंत्री का एक खास संगठन से जुड़ाव है, जिसके बारे में पुलिस ने कुछ नहीं बताया.

नारा में एक मुख्य ट्रेन स्टेशन के बाहर भाषण दे रहे थे आबे

जापान की न्यूज एजेंसी एनएचके ने घटना का एक फुटेज प्रसारित किया है, जिसमें नारा में एक मुख्य ट्रेन स्टेशन के बाहर आबे भाषण देते हुए दिख रहे हैं. जब गोली चलने की आवाज सुनी गई तो आबे खड़े थे, उन्होंने गहरे नीले रंग के कपड़े पहने हुए थे और मुठ्ठी बांधे अपना हाथ ऊपर उठा रहे थे. इसके बाद फुटेज में आबे सड़क पर गिरते और कई सुरक्षाकर्मी उनकी ओर भागते दिखे. उन्होंने अपने सीने पर हाथ रखा हुआ था और उनकी कमीज पर खून लगा हुआ था. फुटेज में नजर आया कि इसके अगले क्षण ही सुरक्षाकर्मियों ने स्लेटी रंग की कमीज पहने एक व्यक्ति को दबोच लिया. जमीन पर एक बंदूक भी गिरी हुई दिखाई दी.

प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने प्रचार अभियान बीच में ही रोका

एक अन्य फुटेज में चुनाव प्रचार अधिकारियों को अपने लोकप्रिय नेता के आसपास इकट्ठा होते देखा गया. पद से हटने के बाद भी आबे सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रभावशाली नेता थे और वह उसके सबसे बड़े धड़े सेइवकाई का नेतृत्व करते थे. एनएचके के मुताबिक घटना के बाद प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और उनके कैबिनेट मंत्री देशभर में अन्य प्रचार अभियानों को बीच में रोक कर तोक्यो लौट आए. प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने इस हमले को कायराना और बर्बर करार दिया. आबे पर हमले से भावुक किशिदा ने कहा, मैं कड़े से कड़े शब्दों में इस कृत्य की निंदा करता हूं. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेगी. साथ ही, उन्होंने कहा कि आबे को शीर्ष स्तर की सुरक्षा मिली हुई थी. किशिदा ने रविवार को कार्यक्रम के मुताबिक चुनाव कराने का संकल्प लिया.

जापान में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे आबे

आबे को राजनीति विरासत में मिली थी और वह अपने दादा पूर्व प्रधानमंत्री नोबुसुके किशी के मार्गदर्शन में आगे बढ़े. आबे ने देश को सैन्य रूप से ज्यादा ताकतवर बनाने तथा अंतरराष्ट्रीय मामलों में देश की बड़ी भूमिका पर ध्यान दिया. स्वास्थ्य कारणों से दो साल पहले पद से हटने से पूर्व आबे ने जापान की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित किया और राष्ट्र के लिए एशिया में एक मजबूत भूमिका निभाने के प्रयासों का नेतृत्व किया. आबे 2020 में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण इस्तीफा देने से पहले, देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे. आबे ने इसाकू सातो के रिकॉर्ड को तोड़ा जो 1964 से 1972 तक 2798 दिन प्रधानमंत्री रहे.

अल्सरेटिव कोलाइटिस बीमारी से पीड़ित थे आबे

आबे ने यह कहते हुए प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था कि उनकी एक पुरानी बीमारी अल्सरेटिव कोलाइटिस फिर से उभर आई है. आबे ने उस समय पत्रकारों से कहा था कि अपने कई लक्ष्यों को अधूरा छोड़ना उनके लिए परेशान करने वाली बात है. उन्होंने वर्षों पहले उत्तर कोरिया द्वारा अगवा किए गए जापानी नागरिकों के मुद्दे, रूस के साथ क्षेत्रीय विवाद और जापान के युद्ध त्यागने वाले संविधान के संशोधन के मुद्दों को हल करने में अपनी नाकामी की बात की थी. दुनिया भर के नेताओं ने इस हमले की निंदा की है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण के लिए आबे की प्रशंसा की. बाइडन ने कहा कि आबे ने हमेशा जापान के लोगों की परवाह की और अपना पूरा जीवन देश के लोगों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया.

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