झारखंड में मॉनसून की बेरुखी ने बढ़ाई किसानों की परेशानी, धान उत्पादन को लेकर चिंतित हैं अन्नदाता

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झारखंड मे मॉनसून की बेरुखी से किसान अब परेशान होने लगे हैं. क्योंकि बारिश के कमी के कारण किसान (Farmers) खेती नहीं कर पा रह हैं. इस साल अब तक झारखंड में हुई खेती के लिए जारी किए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में कुल कृषि योग्य भूमी का 95 फीसदी हिस्सा 43 फीसदी बारिश की कमी के कारण खेती नहीं हो पायी है. विभाग द्वारा बुधवार तक के लिए जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक झारखड में 28.27 लाख हेक्टेयर जमीन में खेती का लक्ष्य रखा गया था, पर अब तक मात्र 5.32 फीसदी जमीन में ही खेती की जा सकी है. खरीफ सीजन (Kharif Season) में इस साल 18 लाख हेक्टेयर जमीन धान की खेती का लक्ष्य रखा गया था. पर अभी तक इस लक्ष्य का मात्र 3.15 जमीन में ही खेती हो पायी है. राज्य के केवल छह जिलों में धान सीधी बुवाई की जा रही है.

झारखंड राज्य कृषि विभाग द्वारा जारी आंकड़ो के मुताबिक 6 जुलाई तक राज्य के किसी भी जिले में धान की रोपाई (Dhan ki Kheti) नहीं की गयी है. जबकि आमतौर पर इस समय तक झारखंड में आधे से अधिक रोपाई हो जाती है. वहीं अन्य फसलों की बात करें तो मक्का की बुवाई अब तक 20.54 प्रतिशत हुई है. जबकि 13.97 प्रतिशत मे ही तिलहन की बुवाई हुई है जो बेहतर मानी जा रही है. हालांकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि राज्य में जल्द ही मानसून के फिर से शुरू होने की उम्मीद है और चिंता की कोई बात नहीं है.

साहिबगंज जिले में हुई है सबसे कम बारिश

झारखंड में बारिश के आंकड़ों की बात करें तो राज्य में छह जुलाई तक 43 फीसदी मॉनसूनी बारिश दर्ज की गयी है.राज्य में 1 जून से 6 जुलाई तक 246.2 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले 141.3 मिमी वर्षा हुई है. 24 में से बारह जिलों में 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत बारिश की कमी हुई है. साहेबगंज में सबसे अधिक 75 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गयी है. जबकि चतरा में 68 फीसदी और पाकुड़ में 64 फीसदी की कमी दर्ज की गई.

झारखंड में होगी अच्छी बारिश

हालांकि, राज्य के कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि स्थिति अभी भी सामान्य है और चिंता की कोई बात नहीं है.पर उनका भी मानना है कि इस माप मानसून में थोड़ी देरी हुई है और अब तक बारिश कम रही है. अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो इसका धान की बुवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा. आउटलूक की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के कृषि विभाग के उप निदेशक मुकेश सिन्हा ने कहा कि किसान रोपाई करने की पूरी तैयारी करके रखें. उन्होंने कहा कि पिछला साल खरीफ की बुवाई और फसल के लिहाज से बेहतरीन साल रहा. लेकिन, जुलाई के पहले सप्ताह में बुवाई की स्थिति लगभग समान थी. हमें उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक स्थिति में सुधार होगा क्योंकि मौसम विभाग अच्छी बारिश की भविष्यवाणी कर रहा है. रांची में मौसम विज्ञान केंद्र ने भविष्यवाणी की है कि राज्य भर में व्यापक वर्षा की उम्मीद के साथ मानसून 10 जुलाई से फिर से शुरू हो सकता है.

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