झारखंड के कई जिलों में हुई बारिश, धान की खेती करने वाले किसानों को मिली राहत

Dsr Technique Farming

झारखंड में एक बार फिर मॉनसून (Monsoon) सक्रिय हो गया है. राज्य की राजधानी के साथ-साथ राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश हुई है और कहीं बिजली के साथ तेज बारिश हुई और कहीं मध्यम बारिश हुई है. इसके कारण बारशि का इंतजार कर रहे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है. खास कर किसानों को काफी राहत मिली है. किसानों (Farmers) का कहना है कि अब उन्हें बिचड़ा तैयार करने के लिए खेतों में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी. सिंचाई करने में काफी परेशानी हो रही थी, क्योंकि इस मौसम में कुएं और तालाबों में बिल्कल नहीं के बराबर पानी था, किसान पीने के पानी वाले बोरिंग से खेतों की सिंचाई कर रहे थे.

मांडर प्रखंड के एक किसान ने कहा कि उन्हें इस बारिश से कापी राहत मिली है क्योंकि उन्होंने तीन किलो धान की बुवाई (Paddy Farming) की थी, पर बारिश नहीं होने के कारण धान सूख रहे थे इसके अलावा चिड़ियां और चूहे नुकसान पहुंचा रहे थे. उनके खेतों के आस-पास सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं थी इसके कारण चिंता काफी बढ़ गई थी. पर अब बारिश होने से थोड़ी राहत मिली है. क्योंकि अब उम्मीद है कि बिचड़ा तैयार हो जाएगा औऱ वो धान की रोपाई कर पाएंगे.

कई जिलों में है बारिश का अलर्ट

गौरतलब है कि राज्य में पूर्व और पश्चिम क्षेत्र में मॉनसून ट्रेंच बनने और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण 4 जुलाई तक बारिश की भविष्यवाणी की गई थी. बारिश के दौरान आंधी-तूफान को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. विभाग द्वारा पिछले शुक्रवार को देवघर, दुमका, गढ़वा, गिरिडीह, पलामू, रांची, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने का अलर्ट जारी किया गया है.

मॉनसून हो रहा सक्रिय

रांची भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा कि ईस्ट-वेस्ट टर्फ का प्रभाव अभी भी दिखाई दे रहा है, और यह 1.5 किमी सी लेबल तक फैल रहा है. पिछले नौ दिनों में मानसून की कमी रही है और आने वाले दिनों में उत्तर भारत के साथ-साथ अरब सागर से सक्रिय नम हवाओं, नम हवा और राज्य के पूर्व और पश्चिम में एक टर्फ, कम दबाव का क्षेत्र है। बंगाल की खाड़ी में शुक्रवार से नम हवाओं का असर देखने को मिल रहा है.

राज्य में होगी अच्छी बारिश

उल्लेखनीय है कि इस बार बारिश की कमी के कारण राज्य में अब तक धान की रोपाई भी शुरु नहीं हो पाई है, जबकि पिछले कुछ वर्षों की बात करें तो झारखंड में 15 जुलाई तक लगभग 60 फीसदी धान की रोपाई हो जाती थी. इसके कारण धान की रोपाई को लेकर इस साल किसान चिंतित हैं. हालांकि कृषि विभाग के अधिकारी मौसम विभाग की भविष्यवाणी का हलावा देते हुए कह रहे हैं कि 10 जुलाई से अच्छी बारिश होगी और किसान धान की रोपाई कर पाएंगे.

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