किसान नेता ने राजस्थान का उदाहरण देकर बताया कि क्यों चाहिए एमएसपी की लीगल गारंटी?

Legal Guarantee Of Msp

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा है कि विभिन्न फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित होने के बावजूद कुछ राज्यों में उसकी खरीद नहीं हो रही है. जिससे किसानों को घाटा हो रहा है. इसके लिए उन्होंने राजस्थान का उदाहरण दिया. जहां ज्यादातर किसानों ने एमएसपी से कम दाम पर चना और बाजरा बेचा है. एमएसपी घोषित होने के बावजूद उसकी खरीद नहीं होने को लेकर उन्होंने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इसीलिए किसान एमएसपी की लीगल गारंटी मांग रहे हैं. इस वर्ष बाजरे (Millet) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2350 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर सरकार वाहवाही लूट रही है लेकिन राजस्थान में खरीद नहीं हो रही है. किसानों को उनकी फसल की लागत भी नहीं मिल पा रही है. ऐसे में न्यूनतम समर्थन मूल्य की सार्थकता क्या रह जाती है?

जाट ने कहा कि राजस्थान के कुल चना उत्पादन का मुश्किल से 10 प्रतिशत ही एमएसपी पर खरीदा गया है. चना उत्पादक किसानों ने 900 से सवा नौ सौ रुपये प्रति क्विंटल तक का घाटा उठाकर व्यापारियों को बेचा है. यह स्थिति तो तब है जब सरकार किसानों (Farmers) को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने की घोषणा करती रहती है. न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी के लिए कानून बनाने की मांग हो रही है. लेकिन सरकार इस पर कोई काम नहीं कर रही है. जबकि ऐसा किए बिना सही मायने में किसानों को एमएसपी का फायदा नहीं मिल पाएगा.

हर किसान का यही पैगाम, खेत को पानी और फसल को दाम

कई राज्यों में तिलहन फसलों की एमएसपी पर खरीद नहीं हो रही है. इसकी गारंटी के लिए किसान वर्ष 2010 से संघर्षरत हैं. लेकिन सरकार अब तक इस दिशा में आगे नहीं बढ़ी है. उन्होंने कहा कि हर किसान का यही पैगाम, खेत को पानी और फसल को दाम… नारे के साथ हम आंदोलन चला रहे हैं ताकि खेती-किसानी के लिए सरकार कुछ अच्छा करे. जाट ने कहा कि घटती कृषि जोत और पानी का संकट (Water Crisis) भी खेती के लिए चुनौती है. इसलिए सरकार हर खेत को पानी उपलब्ध करवाए.

एमएसपी की गारंटी क्यों है जरूरी

जाट ने कहा कि राजस्थान में ज्यादातर किसानों ने सिर्फ 43 सौ रुपये प्रति क्विंटल के आसपास के रेट पर ओपन मार्केट में चना बेचा है. जबकि इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 5230 रुपये है. ऐसे में प्रति क्विंटल किसानों को सवा नौ सौ रुपये तक का नुकसान हुआ है. इसलिए हम एमएसपी की गारंटी मांग रहे हैं. सरकार किसानों की यह बात मान लेगी तो फिर किसानों का शोषण बंद हो जाएगा.

बाजरे का नहीं मिला एमएसपी

किसान नेता ने कहा कि राजस्थान सरकार कई साल से एमएसपी पर बाजरा नहीं खरीद रही है. इससे किसानों को घाटा हो रहा है. एक क्विंटल बाजरा की उत्पादन लागत 1579 रुपये है. एमएसपी 2250 रुपये प्रति क्विंटल है. किसानों को उसी बाजरे का बाजार में सिर्फ 1200 रुपये का दाम मिलता है.

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