अमरावती हत्याकांड: कोल्हे के दोस्त यूसुफ की डायरी उठाएगी मर्डर से पर्दा! मुख्य आरोपी इरफान के मोबाइल में भी दफन हैं कई राज़

Umesh Kolhe

राजस्थान के उदयपुर हत्याकांड की तरह ही महाराष्ट्र (Maharashtra) के अमरावती हत्याकांड (Amravati Murder Case) से भी लोगों में काफी नाराजगी है. उमेश कोल्हे के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है. आज पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग पर कोल्हे के लिए श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें बीजेपी समेत कई संगठन शामिल होंगे. इस बीच एनआईए की एक टीम जांच के लिए अमरावती पहुंच गई है. एनआईए जांच का फैसला केंद्र ने इसका पता लगाने के लिए किया है कि केमिस्ट की हत्या बीजेपी से निलंबित नूपुर शर्मा के समर्थन करने की वजह से तो नहीं हुई है.

कोल्हे हत्याकांड में पकड़े गए चारों आरोपियों की आज फिर जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा. इससे पहले चारों आरोपियों को कोर्ट ने 14 दिनों की रिमांड पर भेजा था. कोल्हे की हत्या 21 जून की रात उस दौरान की गई थी, जब वह अपनी दुकान बंद कर टू व्हीलर से घर लौट रहे थे. कोल्हे की हत्या कन्हैयालाल की हत्या से एक सप्ताह पहले की गई थी. उदयपुर हत्याकांड की जांच भी एनआईए कर रही है.

अमरावती हत्याकांड पर शिंदे सरकार सख्त

अमरावती हत्याकांड पर शिंदे सरकार काफी सख्त है. डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने साफ संदेश दे दिया है कि कोल्हे हत्याकांड से जुड़े राज खुलेंगे और मामले की विदेशी एंगल से भी जांच होगी, क्योंकि जो डकैती की थ्योरी दी जा रही है, उसे माना नहीं जा सकता. देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ”अमरावती की घटना बहुत गंभीर है. जिस बर्बरता के साथ उन्हें मारा गया है, यह बहुत ही क्रूरता पूर्ण व्यवहार है. आरोपी पकड़े गए हैं और इस केस का मास्टरमाइंड पकड़ा गया है. एनआईए भी जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश है कि क्या कोई बाहरी विदेशी ताकत है जो देश में तनाव पैदा करना चाहता है. शुरुआत में इसे डकैती का रूप दिया गया था, उसकी जानकारी ली जाएगी कि क्या वास्तव में ऐसा लग रहा था?”

अमरावती पुलिस के हाथ लगे कई अहम सुराग

सूत्रों से मिली एक्सक्लुसिव जानकारी के मुताबिक, उमेश कोल्हे की हत्या में शामिल उन्ही के दोस्त यूसुफ़ खान को लेकर जनाकारी सामने आई है. पुलिस को उमेश की वेटनरी मेडिकल शॉप से एक डायरी मिली है, जिसमे उमेश ने किस-किस को कितने की उधार दवाइयां दी है, इसका लेखा जोखा शामिल है. इसी डायरी के मुताबिक डॉ यूसुफ़ खान ने उमेश कोल्हे से दो लाख रुपये की दवाइयां उधार की थी. इसके अलावा पुलिस को हत्याकांड में शामिल बाइक और एक कार की भी तलाश है.

मुख्य आरोपी इरफान के मोबाइल में भी दफन हैं कई राज़

इस मामले में मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता इरफान शेख का मोबाइल अभी तक पुलिस को नहीं मिला है. इसी मोबाइल में वो सारे व्हाट्सप्प ग्रुप और चैट्स हैं, जिसमे ना केवल उमेश कोल्हे की हत्या की साजिश रची गई, बल्कि युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए कैसे उकसाया जाता था, ये भी इसी मोबाइल में छिपा हुआ है. पुलिस और एनआईए अब इरफान शेख के बैंक एकाउंट को भी खंगालेगी. इरफान पेशे से वेल्डिंग का काम करता था, लेकिन साथ में वह रहबरिया नाम का एनजीओ भी चलाता था. अब पुलिस और एनआईए को इस बात की जानकारी चाहिए कि इस एनजीओ में कहां-कहां से और कौन कौन लोग फंडिंग किया करते थे. बैंक एकाउंट की जानकारी के लिए पुलिस सीधे स्टेटमेंट की कॉपी ले सकती है.

Admission.com
www.lyricsmoment.com
admission9.com
lyricsmoment.com

Leave a Reply

Your email address will not be published.